SEBI की क्लीन चिट से Adani Power समेत Adani Group के स्टॉक्स में तेजी, Morgan Stanley ने दी 30% की बढ़त का अनुमान। कंपनी का FY32 तक क्षमता 18.15 GW से बढ़कर 41.9 GW होगी। जानिए वित्तीय स्थिति और भविष्य की योजनाएं।
Adani Power के शेयरों में सितंबर 2025 में जबरदस्त तेजी देखी गई है, खासकर SEBI द्वारा Adani Group को क्लीन चिट मिलने के बाद। अमेरिकी शॉर्ट-सेलर Hindenburg Research द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच पूरी कर SEBI ने समूह को आरोपमुक्त कर दिया, जिससे निवेशकों का भरोसा वापस लौटा। इसके परिणाम स्वरूप Adani Power का शेयर NSE पर 9% तक चढ़ गया और इसका प्राइस ₹687 तक पहुंचा।
Adani Power पर रेटिंग
Morgan Stanley ने Adani Power पर ‘Overweight’ रेटिंग देते हुए ₹818 का प्राइस टारगेट रखा है, यानी मौजूदा स्तर से लगभग 30% की तेजी की संभावना। कंपनी की ऑपरेशनल कैपेसिटी 18.15 GW से बढ़कर FY32 तक 41.9 GW होने की उम्मीद है, जिससे कोयला आधारित उत्पादन में उसकी बाजार हिस्सेदारी 8% से 15% तक जाएगी।
Financial Highlights में Q1 FY26 के अनुसार कंपनी का Consolidated Net Profit ₹3,305 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में 15.5% कम है, वहीं Revenue ₹14,167 करोड़ रहा। EBITDA में 12.7% की वृद्धि हुई है, जिससे ऑपरेशन में मजबूती का संकेत मिलता है।
Adani Power के पास लंबे समय की PPA (पावर परचेज़ अग्रीमेंट) की मजबूत पोर्टफोलियो है, जो SHAKTI नीति के तहत सुनिश्चित ईंधन आपूर्ति को सपोर्ट करता है। FY25 में कंपनी का नेट-डेब्ट टू EBITDA रेशियो 1.5x था, जो FY31 में पावर प्लांट्स के पूरा होने पर बढ़कर 3.2x होने का अनुमान है।
SEBI क्लीन चिट ने Adani Group के कई संबंधित केसों को भी समाप्त किया है, जो निवेशकों की चिंता को कम करता है और ग्रुप के शेयरों में तेजी का समर्थन करता है।
भविष्य की योजनाएं:
Adani Power की योजना $22-27 बिलियन की लागत से निर्माणाधीन 23.7 GW की नई क्षमता को पूरा कर बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने की है। कंपनी रिन्यूएबल एनर्जी पर भी फोकस बढ़ा रही है, जो दीर्घकालीन स्थिरता और ग्रोथ में योगदान देगी इस तरह SEBI की क्लीन चिट और मजबूत वित्तीय फंडामेंटल के चलते Adani Power निवेशकों के लिए भविष्य में आकर्षक विकल्प बनता जा रहा है।
अवसर (Opportunities):
- बढ़ती क्षमता और बाजार हिस्सेदारी: Adani Power FY25 में 18.15 GW की क्षमता के साथ भारत का सबसे बड़ा निजी कोयला आधारित पावर प्रोड्यूसर है। FY32 तक इसकी क्षमता 41.9 GW तक बढ़ने का लक्ष्य है, जिससे बाजार हिस्सेदारी 8% से बढ़कर 15% होने की संभावना है।
- लंबी अवधि के PPA: कंपनी के 13.6 GW क्षमता के लिए लंबे समय के पावर परचेज़ अग्रीमेंट (PPA) हैं, जिससे आय में स्थिरता और जोखिम कम होता है।
- Regulatory Clearance: SEBI और सुप्रीम कोर्ट द्वारा Hindenburg के आरोपों से क्लीन चिट मिलने से निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है।
- मॉर्गन स्टेनली का ओवरवेट रेटिंग: Morgan Stanley ने Adani Power को ‘Overweight’ रेटिंग दी है और ₹818 का प्राइस टारगेट रखा है, जिससे स्टॉक में 30% तक की तेजी की उम्मीद जताई जा रही है।
- टेक्नोलॉजी और ऑपरेशंस में सुधार: डिजिटल ऑपरेशन और इन-हाउस कोयला सोर्सिंग से उत्पादन क्षमता और मुनाफा बढ़ रहा है।
- वित्तीय मजबूती: कंपनी का नेट-डेब्ट टू EBITDA रेश्यो FY25 में 1.5x था, जो FY31 तक 3.2x तक जाने की संभावना के बावजूद भी मजबूत माना जाता है।
जोखिम (Risks):
- कमजोर पावर डिमांड: अगर बिजली की मांग अपेक्षा से कम हुई तो कंपनी के विक्रय और आय प्रभावित हो सकते हैं।
- प्रोजेक्ट डिलीवरी में देरी: निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स में से कुछ की डिलीवरी और पूर्णता में देरी आर्थिक दबाव बढ़ा सकती है।
- उच्च पूंजी व्यय (Capex): बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश से कंपनी पर वित्तीय बोझ बढ़ सकता है।
- कोयले की आपूर्ति में चुनौतियां: कोयला सोर्सिंग और लॉजिस्टिक्स में बाधाएं उत्पादन को प्रभावित कर सकती हैं।
- राज्य वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति: कुछ राज्य वितरण कंपनियों की आर्थिक कमजोरी बिलों के भुगतान में देरी कर सकती है।
- नियामकीय चुनौतियां: पिछले मुद्दों का समाधान हुआ है, लेकिन नए नियमों और पर्यावरणीय बाधाओं का प्रभाव हो सकता है।
(Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी हेतु है। निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।)
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Nikki Kumar Sharma is an author at Bludo.in with more than 8 years of experience in finance and the stock market. B.Tech graduate in Computer Science, he combines strong analytical skills with deep market insights to deliver clear and practical financial content for readers. Passionate about learning every day and striving to do his best, Nikki focuses on simplifying complex stock market trends and investment strategies, making them accessible to both new and seasoned investors.

