Defense Sector Stock: भारत की बड़ी PSU कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) पर एक नया regulatory development सामने आया है। 18 सितंबर 2025 को Telangana वाणिज्यिक कर विभाग (CGST और TGST अथॉरिटी) ने कंपनी को शो कॉज नोटिस (SCN) भेजा है। यह नोटिस CGST Act और TGST Act, 2017 की Section 73 के तहत है और इसमें तीन वित्तीय वर्षों से जुड़ी टैक्स देनदारियों का उल्लेख किया गया है।
Contents
कितने पैसों का है मामला?
नोटिस में BHEL से तीन वित्तीय वर्षों 2021-22 से 2023-24 तक के आधार पर टैक्स की मांग की गई है। कुल रकम ₹586.43 करोड़ बताई गई है।
- FY 2021-22: ₹184.55 करोड़
- FY 2022-23: ₹207.26 करोड़
- FY 2023-24: ₹194.62 करोड़
हालांकि यह केवल एक कारण बताओ नोटिस है, जिसका मतलब है कि अभी न तो कोई सीधी वसूली हुई है और न ही पेनल्टी का आदेश। अंतिम फैसला जांच पूरी होने के बाद ही आएगा।
कंपनी की प्रतिक्रिया
BHEL ने अपनी regulatory filing में स्पष्ट किया कि यह नोटिस सामान्य सवालों पर आधारित है और कंपनी को यह मांग पूरी तरह सही नहीं लगती। कंपनी ने कहा कि वह इस पर विस्तार से जवाब तैयार कर रही है और कानूनी प्रक्रिया के हिसाब से अपना पक्ष रखेगी।
खबर आने के बाद 19 सितंबर 2025 को BHEL का शेयर हल्की तेजी के साथ ₹237.17 पर बंद हुआ, जो पिछले दिन से 1.15% ऊपर था।
- पिछले 6 महीने में शेयर ने 15% से ज्यादा रिटर्न दिया।
- पिछले 3 सालों में इस शेयर ने निवेशकों को 300% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है।
- फिलहाल कंपनी का Market Cap ₹82,953 करोड़ के आसपास चल रहा है।
इससे यह साफ है कि निवेशक इस खबर को लेकर ज्यादा चिंतित नहीं हुए हैं और कंपनी की long-term fundamentals मजबूत समझ रहे हैं।
| Particulars | Details |
|---|---|
| Market Cap | ₹ 2,97,435 Cr. |
| Current Price | ₹ 407 |
| High / Low | ₹ 436 / 240 |
| Stock P/E | 54.1 |
| Book Value | ₹ 27.3 |
| Dividend Yield | 0.59 % |
| ROCE | 38.9 % |
| ROE | 29.2 % |
| Face Value | ₹ 1.00 |
BHEL के ताजे वित्तीय परिणाम
- Q1 FY 2025-26 (जून तिमाही): Operating Cash Flow ₹2,191.89 करोड़ तक पहुंचा, जो पिछले तीन सालों का सबसे ऊंचा स्तर है।
- कंपनी के पास Cash & Cash Equivalents ₹7,612.41 करोड़ रहे, जो short-term liquidity को मजबूत दिखाते हैं।
- हालांकि Profit After Tax में गिरावट आई और कंपनी ने तिमाही में ₹455.50 करोड़ का घाटा दर्ज किया।
- फिर भी कंपनी ने डिविडेंड payout ratio को 5 साल की ऊंचाई पर बनाए रखा।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
- इस तरह के GST नोटिस बड़ी listed कंपनियों के लिए सामान्य प्रक्रिया हैं।
- जब तक जांच पूरी नहीं होती और अंतिम आदेश नहीं आता, तब तक कंपनी पर कोई बड़ा financial risk नहीं है।
- Defense sector ऑर्डर्स और Government-backed PSU होने के कारण कंपनी की long-term growth visibility काफी मजबूत बनी हुई है।
Read Also : Suzlon Energy और NHPC शर्तों के साथ कब आएंगे तेजी? जानिए – अब शेयर कीमतें ₹85.8 और ₹90
Conclusion
BHEL share price पर फिलहाल इस नोटिस का बहुत गंभीर असर नहीं दिख रहा है। कंपनी के पास मजबूत कैश रिजर्व, स्थिर ऑर्डर बुक और PSU बैकिंग है। आने वाले हफ्तों में इस केस पर कंपनी की प्रतिक्रिया निवेशकों की नजर में अहम होगी।निवेशकों के लिए फिलहाल यह मामला short-term event लगता है, लेकिन कंपनी के fundamentals और Defense sector में मजबूत पकड़ को देखते हुए BHEL लंबे समय के लिए आकर्षक शेयर बना हुआ है।
Read Also : ओला इलेक्ट्रिक को सरकार की पीएलआई स्कीम से 400 करोड़ रुपये का बड़ा फायदा, शेयर में आई तेजी
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के प्रयोजन के लिए है। कृपया निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।

Nikki Kumar Sharma is an author at Bludo.in with more than 8 years of experience in finance and the stock market. B.Tech graduate in Computer Science, he combines strong analytical skills with deep market insights to deliver clear and practical financial content for readers. Passionate about learning every day and striving to do his best, Nikki focuses on simplifying complex stock market trends and investment strategies, making them accessible to both new and seasoned investors.

